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Maharashtra

रिक्षा-टैक्सी चालकों को मराठी आना अनिवार्य: मंत्री प्रताप सरनाईक बोले- 'रोजी-रोटी पर संकट नहीं आएगा, लेकिन मराठी सीखनी ही होगी'


मुंबई: महाराष्ट्र में रिक्षा और टैक्सी चलाने वाले ड्राइवरों को 'कामचलाऊ मराठी' (जुजबी मराठी) आना अनिवार्य है। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने सोमवार को सरकार की इस भूमिका को एक बार फिर स्पष्ट किया। मंत्रालय में रिक्षा-टैक्सी यूनियनों के साथ हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद सरनाईक ने कहा कि राज्य में व्यवसाय करने के लिए स्थानीय भाषा का ज्ञान होना जरूरी है, हालांकि इस फैसले से किसी का रोजगार नहीं छीना जाएगा।

यूनियनों ने मांगी समय सीमा
बैठक के दौरान विभिन्न संगठनों ने सरकार के इस फैसले का समर्थन किया, लेकिन इसे लागू करने के लिए 3 महीने से 1 साल तक की मोहलत मांगी है। संगठनों ने आश्वासन दिया है कि वे अपने कार्यालयों में चालकों के लिए मराठी सीखने की कक्षाएं शुरू करेंगे। उनकी मुख्य चिंता यह थी कि भाषा के कारण किसी की रोजी-रोटी पर आंच नहीं आनी चाहिए।

'कामचलाऊ मराठी' से क्या है तात्पर्य?
जब संगठनों ने पूछा कि सरकार को किस स्तर की मराठी अपेक्षित है, तो मंत्री सरनाईक ने स्पष्ट किया, "रिक्षा और टैक्सी चालकों को इतनी मराठी आनी चाहिए कि वे यात्रियों से संवाद कर सकें। जैसे यात्री को कहाँ जाना है, उसे क्या सेवा चाहिए और किराए के पैसे कितने हुए। भविष्य में ओला, उबर और रैपिडो के ड्राइवरों को भी इस नियम के दायरे में लाया जाएगा।"

हिंदी का आग्रह स्वीकार्य नहीं
परिवहन मंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि महाराष्ट्र देश का एक प्रगतिशील राज्य है और रोजगार सृजन हमारा प्राथमिक लक्ष्य है। उन्होंने कहा, "किसी का रोजगार छीनना सरकार का उद्देश्य नहीं है। लेकिन, यदि कोई मराठी के बजाय हिंदी का आग्रह करेगा, तो यह बिल्कुल नहीं चलेगा। महाराष्ट्र में रिक्षा-टैक्सी चलाने के लिए मराठी आना अब बंधनकारक (अनिवार्य) है।"

कल RTO की बैठक में होगा अंतिम फैसला
चालकों को मराठी सीखने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए या नहीं, इस पर अंतिम फैसला कल होने वाली क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों (RTO) की बैठक में लिया जाएगा। प्रताप सरनाईक ने स्पष्ट किया, "संगठनों ने मराठी सीखने की जिम्मेदारी ली है, जो सकारात्मक है। हालांकि, मैंने मुदतवाढ (समय सीमा बढ़ाने) को लेकर अभी कोई वादा नहीं किया है। कल आरटीओ अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद ही इस पर उचित निर्णय लिया जाएगा।"